रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 23 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौसम प्रणाली के 23 सितंबर की रात के आसपास विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुंचने का अनुमान है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 सितंबर को प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
बारिश का असर अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में ज्यादा प्रभाव
मौसम प्रणाली का प्रभाव राज्य के दक्षिणी हिस्सों में अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे सकता है। बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और कोंडागांव समेत आसपास के इलाकों में बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ऊंची संरचनाओं से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
रायपुर में भी छाए रहेंगे बादल
राजधानी रायपुर में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। 23 सितंबर को शहर में आसमान में बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
24 सितंबर को भी रायपुर में बादल छाए रहने तथा बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटे में कई जगह हुई बारिश
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कवर्धा में करीब 4 सेंटीमीटर, जबकि राजपुर और कोटा में लगभग 3 सेंटीमीटर बारिश हुई। चांदो, भैयाथान, मरवाही और दर्री में करीब 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा जांजगीर, लोरमी, कोरबा और अजगरबहार में लगभग 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है। इसी सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के साथ छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
फिलहाल दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। मौसम खराब होने पर खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना सुरक्षित रहेगा।