रिसाली। श्री लाडली जी महिला मंडल, रिसाली की ओर से पावन राधा अष्टमी के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष तीज उत्सव एवं भव्य भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मानसी गुलाटी उपस्थित रहीं। साथ ही विनीता पांडेय, सुनंदा चंद्राकर (पार्षद), श्रद्धा साहू (समाजसेवी), सीमा साहू (पार्षद) तथा उपासना साहू (समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद, सेक्टर-10) सहित अनेक गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ राधा रानी जी के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भजन संध्या में राधा रानी जी एवं श्रीकृष्ण के अनेक मधुर एवं भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी गई। भक्तिमय भजनों से पूरा वातावरण राधामय हो गया और उपस्थित महिलाओं ने भक्ति एवं आनंद के साथ भजन संध्या का आनंद लिया।
राधा अष्टमी के इस पावन अवसर को विशेष बनाने के लिए महिलाओं हेतु तीज उत्सव के साथ विभिन्न मनोरंजक खेल एवं गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। महिलाओं ने इन खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उत्साह एवं उमंग के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। इस दौरान महिलाओं के बीच आपसी मेल-जोल, सौहार्द एवं आत्मीयता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।




इस अवसर पर अतिथियों ने राधा अष्टमी एवं तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
महिला मंडल की समिति का योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री लाडली जी महिला मंडल, रिसाली की समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति में—
अध्यक्ष: सिद्धि
उपाध्यक्ष: अम्बे उपाध्याय
सचिव: डॉ. निर्मला शुक्ला
सह-सचिव: बासंती पांडे
कोषाध्यक्ष: मंजू साहू
कार्यकारिणी सदस्य:
शेफाली, शतरूपा, वाणी मखीजा, आशा पांडे, मनुज पांडे, भारती तिवारी एवं निशा सिंह।
समिति के सभी सदस्यों ने आपसी समन्वय एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया, जिसके फलस्वरूप यह आयोजन सफल एवं यादगार बना।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, समिति के सदस्यों एवं उपस्थित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा राधा रानी जी से सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।
“राधे-राधे” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का भव्य एवं भक्तिमय समापन हुआ।