रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार ने खरीदी शुरू होने से पहले उपार्जन केंद्रों पर जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धान खरीदी की व्यवस्थाओं को लेकर 24 सितंबर को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक हुई। इसमें नए धान खरीदी केंद्रों की तैयारी, जूट बारदानों की उपलब्धता, किसानों की सुविधाओं और कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
360 नए केंद्रों पर पूरी होंगी व्यवस्थाएं
आगामी खरीफ विपणन वर्ष में किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए हैं। अधिकारियों को इन केंद्रों पर खरीदी शुरू होने से पहले जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति ने स्पष्ट किया कि नए उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने पर जोर दिया गया। हालांकि, इससे पहले राज्य सहकारी विपणन संघ की समीक्षा बैठक में 362 नए केंद्रों की तैयारियों का भी उल्लेख किया गया था।
3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था
धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी न हो, इसके लिए नए और पुराने जूट बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदाने जुटाए जा रहे हैं।
इनमें से 1.14 लाख गठान बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। बाकी बारदानों की उपलब्धता भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की बाधा न आए।
51.50 लाख टन चावल जमा होना बाकी
बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की कस्टम मिलिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा हो चुका है, जबकि 51.50 लाख टन चावल अभी जमा किया जाना बाकी है।
लंबित चावल जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय सीमा निर्धारित है। समिति ने लंबित मात्रा को देखते हुए मिलिंग और चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित निगरानी के साथ तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा कराने को कहा गया।
किसानों की सुविधा पर विशेष जोर
बैठक में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी प्रशासनिक, तकनीकी और मैदानी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। सरकार का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे किसानों को उपार्जन केंद्रों पर धान बेचते समय अनावश्यक इंतजार या अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।