धमधा। किसानों की ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से जारी आंदोलन ने गुरुवार को बड़ा रूप ले लिया। किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल के नेतृत्व में हजारों किसान मुख्यमंत्री निवास में ज्ञापन सौंपने के लिए रायपुर की ओर कूच कर गए।
किसानों की बड़ी भीड़ जब मुरमुंदा गांव पहुंची, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी और आगे जाने से रोका। पुलिस प्रशासन ने किसानों को व्यवस्थित तरीके से एक भवन में बैठाया, जहां प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत हुई।
मुरमुंदा में रोके गए हजारों किसान
मुरमुंदा में किसानों को रोकने के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से रहने की अपील की गई। ASP मणिशंकर चंद्रा ने किसानों को समझाइश दी, जिसके बाद किसानों की ओर से मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति बनी।
इसके बाद 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का गठन किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल किसानों की मांगों और ज्ञापन को लेकर रायपुर के लिए रवाना हुआ।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। हालांकि वहां मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के OSD/निज सचिव से मुलाकात की।
किसानों ने उनके सामने अपनी पूरी समस्या रखी और ऋण माफी सहित किसानों से जुड़े ज्वलंत मामलों का जल्द निराकरण करने की मांग की।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्या का ठोस समाधान चाहते हैं।
बाबा टेक सिंह चंदेल ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं। आज हजारों किसान मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए निकले थे।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का यदि जल्द निराकरण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने सरकार के सामने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है और अब उन्हें ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
तीन दिन में सार्थक कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री निवास में प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि आगामी तीन दिवस के भीतर इस बड़े मामले में किसानों के हित में कोई न कोई सार्थक कार्रवाई की जाएगी।
अब किसानों की नजर प्रशासन के इस आश्वासन पर है। किसान नेताओं ने कहा है कि यदि तय समय में सार्थक कार्रवाई होती है तो आगे की रणनीति उसी के अनुसार तय की जाएगी, लेकिन यदि समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
17 दिन की भूख हड़ताल के बाद राजधानी तक पहुंची किसानों की आवाज
गौरतलब है कि किसान अपनी मांगों को लेकर 17 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। लगातार आंदोलन के बाद गुरुवार को हजारों किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया।
मुरमुंदा में पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रायपुर भेजा गया। मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन OSD/निज सचिव के सामने किसानों ने अपनी पूरी समस्या रखी।
अब तीन दिन के भीतर होने वाली कार्रवाई पर किसानों की नजर है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।