आतंकवाद के खिलाफ ‘प्रहार’ को मजबूत करने की कवायद, अमित शाह ने लॉन्च किया नया पोर्टल

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान आतंकवाद के खिलाफ देश की राष्ट्रीय रणनीति ‘प्रहार’ के सात प्रमुख स्तंभों पर चर्चा हुई। गृह मंत्रालय के अनुसार, ‘प्रहार’ को फरवरी 2026 में देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति एवं रणनीति के रूप में शुरू किया गया था।

थाना स्तर तक पहुंचे ‘प्रहार’ की रणनीति

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण करने और अगले 10 वर्षों के लिए मजबूत एवं ठोस आतंकवाद-रोधी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ‘प्रहार’ को केवल नीति दस्तावेज तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे थाना स्तर तक लागू करना होगा। रणनीति के प्रत्येक बिंदु पर सक्रिय और परिणामोन्मुखी कार्रवाई की जरूरत है।

हर स्तर पर स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली पर जोर

गृह मंत्री ने आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए ‘प्रहार’ के प्रत्येक स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और केंद्र तथा राज्यों की संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

‘प्रहार’ के तहत खुफिया जानकारी साझा करने, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और राज्य एजेंसियों तथा विशेष केंद्रीय बलों के बीच तेज एवं समन्वित कमान श्रृंखला को भी महत्व दिया गया है।

नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च

सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया। सरकार के अनुसार, यह पोर्टल विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर करने और कार्रवाई में तेजी लाने में मदद करेगा।

अमित शाह ने राज्य पुलिस बलों से विदेश में मौजूद भगोड़ों की वापसी के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने वाली विशेष टीम गठित करने को भी कहा।

2019 से 2026 के बीच 288 भगोड़े भारत लाए गए

गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। सरकार ने भगोड़ा विरोधी तंत्र को मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप दस्तावेजीकरण, अनुवाद और कानूनी औपचारिकताओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है।

उन्होंने राज्यों से विदेश में मौजूद भगोड़ों की वापसी के लिए अपना प्रभावी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई।

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र

अमित शाह ने एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। सरकार के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े 40 से अधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, 15 राज्यों में 100 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

सरकार ने बताया कि शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।

‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा

सम्मेलन में ‘प्रहार’ रणनीति के सात प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की गई। इनमें आतंकी हमलों की रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल तथा संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण से रिकवरी और लचीलापन शामिल हैं।

सम्मेलन में केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवाद-रोधी दस्तों (ATS) के प्रमुख शामिल हुए। इसका उद्देश्य आतंकवाद-रोधी रणनीति की समीक्षा के साथ केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करना रहा।

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