नई दिल्ली। रबी अभियान 2026 की तैयारियों और कृषि क्षेत्र की प्राथमिकताओं को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन 28 और 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार, एनएएससी परिसर, पूसा में होगा। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
केंद्र-राज्य समन्वय पर रहेगा जोर
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल को मजबूत करना तथा कृषि उत्पादन, उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए समन्वित एवं परिणाम आधारित रणनीति तैयार करना है। चर्चा में हाल ही में आयोजित कृषि क्षेत्रीय सम्मेलनों से सामने आए प्रमुख निष्कर्षों को भी शामिल किया जाएगा।
पहले दिन तीन विषयों पर होगी चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन तीन व्यापक क्षेत्रों पर समानांतर विषयगत समूह चर्चाओं के तीन दौर आयोजित किए जाएंगे। इनमें आत्मनिर्भरता, विविधीकरण एवं उत्पादन वृद्धि, स्थिरता एवं जलवायु-अनुकूल कृषि तथा डिजिटल कृषि, बुनियादी ढांचा, वित्तपोषण एवं जोखिम प्रबंधन प्रमुख हैं।
चर्चा के दौरान दलहन, तिलहन और ऑयल पाम में आत्मनिर्भरता, बागवानी, कपास, बीजों की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, कृषि मशीनीकरण, एफपीओ के लिए वित्तपोषण, विपणन सुधार और किसान क्रेडिट कार्ड जैसे विषयों पर मंथन होगा।
इसके अलावा पीएम धन-धान्य कृषि योजना, डिजिटल कृषि, पीएम फसल बीमा योजना, पादप संरक्षण और कृषि सांख्यिकी जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
रबी मौसम की चुनौतियों पर तैयार होगी रणनीति
विषयगत चर्चाओं का उद्देश्य रबी मौसम के दौरान सामने आने वाली प्रमुख कार्यान्वयन चुनौतियों, राज्य-विशिष्ट प्राथमिकताओं और व्यावहारिक रणनीतियों की पहचान करना है। योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल, वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दूसरे दिन निष्कर्षों और तैयारियों पर चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन क्षेत्रीय सम्मेलनों से प्राप्त प्रमुख परिणामों और पहले दिन की विषयगत चर्चाओं के निष्कर्षों पर विचार किया जाएगा। इसमें मौसम पूर्वानुमान, उर्वरकों की उपलब्धता और संतुलित उपयोग, डिजिटल कृषि मिशन, किसान रजिस्ट्री, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, एग्रीस्टैक और दलहन में आत्मनिर्भरता जैसे विषय शामिल होंगे।
इसके साथ ही खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन, फसल एवं बीज की स्थिति, नई किस्मों को अपनाने, पीएम धन-धान्य कृषि योजना, विपणन सुधार तथा एटीएमए और केवीके के माध्यम से कृषि योजनाओं को लेकर भी चर्चा होगी।
राज्यों के कृषि मंत्री साझा करेंगे अनुभव
सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्रियों को अपने विचार, अनुभव, राज्य की प्राथमिकताएं और रबी मौसम की तैयारियों से जुड़े सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा। सम्मेलन के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर रबी अभियान 2026 के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर रहेगा।