पेवर ब्लॉक घोटाला : शहर सरकार एफआईआर नहीं करवाती तो न्यायालय जाएंगे – रिकेश सेन

भिलाई नगर, 1 अक्टूबर। भाजपा पार्षदों द्वारा शिकायत की जांच के आधार पर नगर निगम के वार्डों में घटिया और मापदंड से कम पेवर ब्लॉक लगाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला अब तूल पकड़ चुका है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इस बड़े आर्थिक भ्रष्टाचार को पूरी मुखरता से उठाते हुए शहर की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर दो से तीन दिनों के भीतर प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई, तो मामले को न्यायालय लेकर जाने की तैयारी है।

जांच में खुली धांधली की पोल

कलेक्टर द्वारा गठित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की जांच कमेटी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निगम क्षेत्र के लगभग 21 वार्डों में तय तकनीकी मापदंडों की अनदेखी कर घटिया और निश्चित दूरी से कम पेवर ब्लॉक बिछाए गए। इसके बावजूद नगर निगम के तकनीकी अमले ने ठेका एजेंसी को पूरा भुगतान पास कर दिया। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया 8 सब इंजीनियर्स को दोषी ठहराते हुए 16 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी निकालने की अनुशंसा की गई है।

विधायक का कड़ा रुख, बोले-सिर्फ सब इंजीनियर नहीं, बड़े अफसरों पर भी हो कार्रवाई

विधायक रिकेश सेन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह केवल छोटे कर्मचारियों की लापरवाही नहीं है। भुगतान की फाइलें सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता के हस्ताक्षरों से होकर गुजरी थी। ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए पूरी तकनीकी चेन जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की है कि 8 सब इंजीनियर्स के साथ-साथ फाइलों को अग्रसारित करने वाले सभी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए और उन पर आपराधिक मामला दर्ज हो।

एफआईआर दर्ज न होने पर कोर्ट की तैयारी

विधायक रिकेश सेन ने नगर निगम प्रशासन और शहर सरकार को दो टूक कहा है कि दोषियों को बचाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निगम प्रशासन तत्काल प्रभाव से दोषी ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाता है, तो न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। इस चेतावनी के बाद निगम के संबंधित गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

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