दुबई। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इंटरनेशनल क्रिकेट को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर 2026 से खेल की प्लेइंग कंडीशन्स में छह प्रमुख बदलाव लागू कर दिए हैं। ये नए नियम 1 अक्टूबर या उसके बाद शुरू होने वाली सभी अंतर्राष्ट्रीय सीरीज पर लागू होंगे। वहीं, पहले से जारी द्विपक्षीय सीरीज में पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे।
नए नियमों का उद्देश्य खेल के दौरान होने वाली अनावश्यक देरी को कम करना, फील्डिंग से जुड़े विवादों को स्पष्ट करना और विभिन्न प्रारूपों में नियमों को और सटीक बनाना है।
1. समय गंवाने पर 5 पेनल्टी रन
नए नियम के तहत यदि बल्लेबाज निर्धारित समय के भीतर अगली गेंद खेलने या स्ट्राइक लेने के लिए तैयार नहीं होता है, तो पहली गलती पर चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार अंतिम चेतावनी के बाद यदि बल्लेबाज तीसरी या उसके बाद भी समय बर्बाद करता है, तो विरोधी टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे। जानबूझकर बार-बार खेल की गति धीमी करने पर खिलाड़ी के खिलाफ आचार संहिता के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।
2. दिन के टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल
खराब रोशनी के कारण टेस्ट मैच में खेल प्रभावित होने की स्थिति से निपटने के लिए नया प्रावधान किया गया है। अब दोनों टीमों की सहमति से दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैच में भी पिंक बॉल का ट्रायल किया जा सकेगा। हालांकि, इसका फैसला मैच शुरू होने से पहले करना होगा। मैच शुरू होने के बाद गेंद का रंग नहीं बदला जा सकेगा।
3. महिला और जूनियर क्रिकेट में गेंद के मानक तय
महिला और जूनियर क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद के आकार और वजन को लेकर नियमों को और स्पष्ट किया गया है। पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट के लिए गेंद के अलग-अलग आकार और वजन के सटीक मानक निर्धारित किए गए हैं, ताकि खेल की परिस्थितियों में एकरूपता और निष्पक्षता बनी रहे।
4. ओवरथ्रो की परिभाषा स्पष्ट
ओवरथ्रो को लेकर भी नियम में स्पष्टता लाई गई है। अब यदि कोई फील्डर रन रोकने या रन आउट करने के उद्देश्य से स्टंप की दिशा में थ्रो करता है और गेंद स्टंप तक नहीं पहुंचती, तो ऐसी स्थिति को ओवरथ्रो माना जाएगा। वहीं, केवल गेंद रोकने या साथी फील्डर को पास देने के प्रयास में हुई मिसफील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा।
5. गेंद को डेड मानने का अधिकार अंपायर के पास
नए नियम के तहत गेंद को डेड यानी खेल से बाहर मानने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं होगा। अंपायर अपने विवेक के आधार पर यह तय कर सकेंगे कि गेंद का खेल समाप्त हो चुका है या नहीं। खासकर करीबी परिस्थितियों में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
6. रन आउट और स्टंपिंग में गेंद पर पूरा नियंत्रण जरूरी
रन आउट और स्टंपिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। यदि विकेटकीपर या कोई फील्डर गेंद पकड़कर गिल्लियां गिराता है, तो उसके हाथ में गेंद पर पूरा नियंत्रण होना जरूरी होगा। केवल गेंद को उंगलियों या हाथ से छूने के दौरान यदि गिल्लियां गिर जाती हैं, तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा।
इन बदलावों के जरिए ICC ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में खेल की गति बनाए रखने, नियमों को स्पष्ट करने और मैदान पर होने वाली विवादित परिस्थितियों को कम करने की दिशा में नए प्रावधान लागू किए हैं।