स्पोर्ट्स पार्क। एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 19 रन से मात दी और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
भारत ने इस जीत के साथ लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में क्रिकेट का गोल्ड मेडल हासिल किया।
अभिषेक और तिलक ने संभाली भारतीय पारी
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हुए, जबकि संजू सैमसन महज 2 रन ही बना सके। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 24 गेंदों में 21 रन बनाए। ईशान किशन भी 18 गेंदों में 20 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
इसके बाद अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 28 गेंदों में 61 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 7 छक्के लगाए। वहीं उपकप्तान तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में नाबाद 51 रन की पारी खेली। तिलक ने 3 चौके और 4 छक्के लगाए।
तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने छठे विकेट के लिए 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शिवम दुबे ने 27 रन बनाए। भारत ने इन पारियों की बदौलत 20 ओवर में 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान की ओर से अहमद दानियाल और अराफात मिन्हास ने दो-दो विकेट लिए।
पाकिस्तान की शुरुआत लड़खड़ाई
212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। साहिबजादा फरहान 11 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि उस्मान खान सिर्फ 3 रन ही बना सके। माज सदाकत ने 18 गेंदों में 23 रन बनाए।
39 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद पाकिस्तान की पारी को हसन नवाज और सैम अयूब ने संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 48 गेंदों में 87 रन की साझेदारी की। सैम अयूब 29 रन बनाकर शिवम दुबे का शिकार बने।
इसके बाद हसन नवाज ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और शानदार अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 51 गेंदों में 96 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। हालांकि, उनकी यह पारी पाकिस्तान को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
भारत की ओर से अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट हासिल किए। पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 19 रन से जीत लिया।
इस तरह भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि पाकिस्तान को फाइनल में हार के बाद सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।