राहुल गांधी बोले- विपक्ष का मार्च ‘शिवजी की बारात’, कोई भी हो सकता है शामिल; वोट चोरी के आरोपों पर आर-पार की लड़ाई

नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अपना विरोध तेज कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च को ‘शिवजी की बारात’ बताते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल किसी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में न्याय नहीं मिलता, विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा।

चुनावों में ‘वोट चोरी’ का आरोप, विस्तृत प्रस्तुति लाने की तैयारी

राहुल गांधी ने दावा किया कि देश के कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों में वोटों की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष लंबे समय से सवाल उठा रहा है और अब इस मुद्दे पर विस्तृत प्रस्तुति तैयार की जा रही है।

उनके मुताबिक, इस प्रस्तुति को तैयार करने में दो से तीन महीने लग सकते हैं। इसके सामने आने के बाद लोगों के सामने चुनावों में कथित अनियमितताओं से संबंधित तथ्य रखे जाएंगे। राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग से जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और कुछ लोगों को ट्रेन तथा बसों से उतारकर दिल्ली पहुंचने से रोका जा रहा है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि राजधानी में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर इतनी सख्ती क्यों की जा रही है। उनके अनुसार, सरकार इस विरोध को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख सकती है, लेकिन विपक्ष का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को जनता के सामने लाना है।

प्रधानमंत्री मोदी पर CEC को संरक्षण देने का आरोप

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती जा रही है, जबकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों को अलग तरह से व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने महिलाओं के साथ कथित मारपीट का आरोप भी लगाया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

CJI के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर चुनाव की निष्पक्षता और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, CJI की ओर से जवाब मिलने के बाद विपक्षी नेताओं ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता मिलकर अदालत के सामने अपनी चिंताएं रखेंगे और कानूनी प्रक्रिया के जरिए समाधान की मांग करेंगे। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि CJI से मुलाकात हो पाना या न हो पाना उनके लिए मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि जरूरी यह है कि विपक्ष को अपनी बात अदालत में रखने का अवसर मिले।

संविधान बचाने की मुहिम जारी रखने का दावा

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि देश के युवा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा चाहते हैं।

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के आरोपों और सुप्रीम कोर्ट में उठाए जाने वाले मुद्दों पर अब आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े राहुल गांधी के दावे विपक्ष के आरोप हैं; इनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

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