रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा ने पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी याचिका को लेकर भूपेश बघेल पर निशाना साधा और उनकी विधायकी को लेकर तंज कसा। वहीं, बघेल ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और संयंत्र के निजीकरण की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया।
पाटन चुनाव याचिका को लेकर BJP का हमला
छत्तीसगढ़ भाजपा ने सोशल मीडिया पर भूपेश बघेल की तस्वीर साझा कर पाटन विधानसभा चुनाव से संबंधित याचिका के मामले में टिप्पणी की। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव याचिका खारिज हो गई है और आगे उनकी विधायकी पर भी असर पड़ सकता है। भाजपा ने चुनावी नियमों से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए बघेल पर निशाना साधा।
हालांकि, भाजपा की ओर से विधायकी को लेकर की गई टिप्पणी को अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं माना जा सकता। इस मामले में वास्तविक स्थिति अदालत के आदेश और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
क्या है पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा विवाद?
यह मामला वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय बघेल ने आरोप लगाया था कि मतदान से पहले प्रचार पर रोक की 48 घंटे की अवधि के दौरान रैली निकाली गई थी। इसी आरोप को लेकर चुनाव याचिका दायर की गई थी।
इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और उसका क्या प्रभाव पड़ता है, यह संबंधित अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा। केवल राजनीतिक बयान के आधार पर किसी विधायक की सदस्यता समाप्त होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
BSP को लेकर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पाटन चुनाव याचिका को लेकर भाजपा के हमले के बीच भूपेश बघेल ने भिलाई स्टील प्लांट को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की। उन्होंने आशंका जताई कि अडानी भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा करने आ सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कहीं सरकार की नजर अब BSP पर तो नहीं है।
बघेल की टिप्पणी सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को लेकर उनकी आशंका और विरोध को दर्शाती है। हालांकि, उनके पोस्ट में जताई गई आशंका को संयंत्र के निजीकरण की आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं माना जा सकता।
‘BSP छत्तीसगढ़ की पहचान और आत्मा है’
भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में भिलाई स्टील प्लांट को छत्तीसगढ़ की पहचान और आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग इसे किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने BSP के निजीकरण को लेकर अपना विरोध जताया।
भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसके भविष्य को लेकर उठाए गए सवाल राजनीतिक बहस का विषय बन गए हैं।
दो मुद्दों पर आमने-सामने आए BJP और भूपेश बघेल
एक ओर भाजपा पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी याचिका के मामले में भूपेश बघेल पर हमलावर है, तो दूसरी ओर बघेल ने BSP के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। दोनों पक्षों की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
फिलहाल, पाटन मामले में आगे की कानूनी स्थिति अदालत की कार्यवाही से स्पष्ट होगी, जबकि BSP के निजीकरण को लेकर बघेल की आशंका पर किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती है।