नई दिल्ली। खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों में किए गए दावों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। नियामक ने दोनों कंपनियों से अपने उत्पादों के प्रचार में किए गए दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण और स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है।
नेस्ले के दो उत्पादों के दावों पर सवाल
FSSAI ने नेस्ले इंडिया के दो उत्पादों ‘लैक्टोजन प्रो 1 पाउडर’ और ‘नैन एक्ससेला प्रो स्टेज 1’ के लेबल और विज्ञापनों में किए गए दावों पर आपत्ति जताई है।
लैक्टोजन प्रो 1 के प्रचार में दावा किया गया है कि इसमें मौजूद व्हे प्रोटीन दूध का ऐसा प्रोटीन है, जिसे पचाना आसान होता है। नियामक ने कंपनी से इस दावे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे हैं।
वहीं, नैन एक्ससेला प्रो स्टेज 1 के विज्ञापन में ‘5 एचएमओ प्रतिरक्षा प्रणाली को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं’ का दावा किया गया है। FSSAI ने इस दावे को लागू नियमों के अनुरूप नहीं माना है। प्राधिकरण ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
कॉम्प्लान के दावों पर भी आपत्ति
FSSAI ने जायडस वेलनेस के कॉम्प्लान उत्पाद के लेबल और विज्ञापनों में किए गए दावों पर भी सवाल उठाए हैं। इनमें ‘दो गुना तेज विकास’, ‘एकाग्रता और याददाश्त में मदद’ तथा ‘प्रो इम्युनिटी प्लस 34 जरूरी पोषक तत्व’ जैसे दावे शामिल हैं।
नियामक के अनुसार, ये दावे खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकते हैं। इसी को लेकर कंपनी से निर्धारित समयसीमा में वैज्ञानिक प्रमाण और स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
कार्रवाई की चेतावनी, कंपनियों की प्रतिक्रिया का इंतजार
FSSAI ने दोनों कंपनियों को अपने दावों का वैज्ञानिक औचित्य प्रस्तुत करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
इस मामले में दोनों कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नियामक के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले स्पष्टीकरण और वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।