मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का किया वर्चुअल अनावरण

रायपुर/बलरामपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय लरंग साय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को कुल 202 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 156 करोड़ 68 लाख रुपये के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा 45 करोड़ 97 लाख रुपये के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

स्वर्गीय लरंग साय का जीवन जनसेवा को समर्पित रहा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय ने विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम किया। गरीबों, वंचितों और जनजातीय समाज के अधिकारों एवं सम्मान के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने उनके साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि पहली बार विधायक बनने के समय से ही उन्हें लरंग साय के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी लरंग साय के आत्मीय संबंध थे और अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे।

तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख घोषणाएं कीं। शंकरगढ़ के जर्जर बालक हायर सेकेंडरी स्कूल भवन के स्थान पर नया भवन बनाया जाएगा। चांदो में सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार बनाया जाएगा।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी शुरू होगी। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था रहेगी। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 360 नए धान खरीदी केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं।

गरीबों और जनजातीय परिवारों के कल्याण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समुदायों के लिए लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। इन समुदायों तक बिजली, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही वनांचल के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय का योगदान पूरे सरगुजा अंचल के विकास में महत्वपूर्ण रहा है। उनकी प्रतिमा की स्थापना भावी पीढ़ियों को उनके आदर्शों से परिचित कराने की पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, तालाब और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिल रही है।

वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वर्गीय लरंग साय के व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, किसानों, गरीबों और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह, बब्रुवाहन महाराज, ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा और बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ का संतुलित विकास करना सरकार का संकल्प है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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