बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत विभाग बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर स्थापित कर रहा है। विभाग ने जिले के 1,57,358 घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है। अब तक 82,888 घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं, यानी लगभग 60% काम पूरा हो चुका है। कंपनी ने कोई डेडलाइन तय नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि अप्रैल 2026 तक सभी उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लग जाएंगे।
विद्युत कंपनी के ईई एस.के. बंड ने बताया कि पहले सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, अब घरों, उद्योगों और मिलों में स्थापना जारी है। स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिजली चोरी रोकना, उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। लक्ष्य पूरा होने के बाद विभाग ऐप लांच करेगा, जिससे उपभोक्ता रीचार्ज, बिल भुगतान, खपत की जानकारी और शिकायत दर्ज सीधे मोबाइल से कर सकेंगे।
इस बीच, जनवरी से अगस्त तक बिजली चोरी के 17 मामले सामने आए हैं, जिन पर कंपनी ने लगभग 19 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है और उपयोग किए गए उपकरण जब्त किए हैं।
हालांकि, कांग्रेस जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि “स्मार्ट मीटर लगने और सरकार की योजनाएं बंद होने से इस महीने कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल दोगुने-तिगुने आ रहे हैं। हमारी सरकार ने बिजली बिल हाफ किया था, पर अब उपभोक्ता परेशान हैं। सरकार को राहत के कदम उठाने चाहिए।”
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर में सिम जैसी चिप लगी होती है और इसके लिए 10 से अधिक टीमें लगातार काम कर रही हैं। उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर भी रजिस्टर्ड किए जा रहे हैं ताकि रिचार्ज व शिकायत की प्रक्रिया आसान हो सके।