
दुर्ग | शक्ति नगर स्थित तालाब में लाखों मछलियों की मौत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। तालाब से उठ रही भीषण दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाली लगभग 10,000 की आबादी को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर्यावरणीय त्रासदी के पीछे तालाब में खरपतवार हटाने के लिए कीटनाशकों के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो पर्यावरणीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व महापौर धीरज बकलीवाल, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले और कांग्रेस पार्षद दल के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। श्री बकलीवाल ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही करार दिया और पूछा कि किसके आदेश पर और कितनी मात्रा में कीटनाशक तालाब में डाला गया? उन्होंने जिलाधीश एवं निगम आयुक्त से फोन पर तत्काल चर्चा कर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मछलियों की मौत का मामला नहीं, बल्कि पूरे वार्डवासियों के जीवन पर खतरा है। दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल हो गया है और गंदगी से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।”
दशगात्र कार्यक्रम में भी बाधा
घटनास्थल पर मौजूद दो परिवार, जो अपने दशगात्र कार्यक्रम के लिए तालाब स्थल पर आए थे, उन्हें भी दुर्गंध और गंदगी के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी। परिजनों ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान करना लगभग असंभव हो गया था।
कड़ी निंदा और ठोस मांगें
नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले ने भी इस दुखद घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “यह केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि मानवीय जीवन से जुड़ा विषय है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह तत्काल तालाब की सफाई, दूषित जल की जाँच, और प्रभावित नागरिकों को राहत देने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए।”
इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार पाली, भोला महोबिया, दीपक जैन, चंद्रमोहन गभने और आयुष शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया।
जनता में रोष, कार्रवाई की मांग
शक्ति नगर के नागरिकों में इस पूरे मामले को लेकर भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।