लोकतंत्र प्रहरी।दुर्ग | दुर्ग के कारोबारी के साथ 1.49 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी हो गई।अज्ञात कॉलर ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड प्वॉइंट्स का लालच देकर कारोबारी के खाते से तीन किस्तों में पूरी रकम उड़ा ली। उसके बाद पीड़ित को जब मोबाइल पर रकम डेबिट के लगातार तीन मैसेज आए तब उसे ठगे जाने का अहसास हुआ.तत्काल पीड़ित ने घटना की शिकायत पुलिस और बैंक कस्टमर केयर दोनों जगह दर्ज कराई है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित राजेश सेठी (55) पिता स्व. कुंदनमल सेठी, निवासी अमर हाईटर्स, शिवनाथ नदी रोड, दुर्ग ने थाना सिटी कोतवाली में लिखित आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर की शाम 7:45 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि,आपके यस बैंक क्रेडिट कार्ड पर 5000 रिवॉर्ड प्वॉइंट हैं। यदि आप चाहें तो इन्हें तुरंत क्लेम कर सकते हैं आपके खाते में डाल दिए जाएंगे।
कारोबारी राजेश कॉलर की बातों पर आकर रिवॉर्ड प्वॉइंट क्लेम करने की हामी भर दी। फोन रखने के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर लगातार तीन मैसेज आए, जिसमें क्रेडिट कार्ड से 49,955 रुपए, 49,440 रुपए और 49,955 रुपए कटने का मैसेज था। कुल मिलाकर उनके खाते से 1,49,350 रुपए की रकम गायब हो चुकी थी।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी भी तरह का लिंक नहीं खोला और न ही कोई ओटीपी साझा किया। इसके बावजूद बड़ी रकम उनके कार्ड से डेबिट हो गई। घबराए सेठी ने तुरंत यस बैंक कस्टमर केयर को फोन कर शिकायत दर्ज कराई और कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद 22 सितंबर को उन्होंने साइबर सेल में भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की है।
इसके बाद 23 सितंबर को थाना सिटी कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। आवेदन के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल से समन्वय किया जा रहा है, ताकि रकम का पता लगाया जा सके और आरोपी को पकड़ा जा सके।
आपको बता दें,ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आई है। ठग खुद को बैंक या कंपनी का कर्मचारी बताकर ग्राहकों को झांसा देते हैं और खाते खाली कर देते हैं। पुलिस लगातार नागरिकों से अपील कर रही है कि कभी भी ओटीपी, पिन, सीवीवी या पासवर्ड किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। बावजूद लोग ठगों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो रहे हैं।