नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें सदन की कार्यवाही में गंभीर रुचि नहीं है और वे मुद्दों को उछालकर कामकाज प्रभावित करते हैं।
रिजिजू ने कहा कि सरकार की ओर से कई बार संवाद के प्रयास किए गए, लेकिन विपक्ष की ओर से सकारात्मक सहयोग नहीं मिला। उनका दावा था कि विपक्ष के भीतर भी सभी दल कांग्रेस की रणनीति से सहमत नहीं हैं और कई छोटे दल चाहते हैं कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चले।
बजट सत्र में हंगामा और निलंबन
लोकसभा में बजट सत्र के पहले चरण के दौरान कई बार हंगामे और स्थगन की स्थिति बनी रही। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख से जुड़े एक लेख का हवाला देना चाहते थे, जिस पर अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में विवाद बढ़ा और अनुशासनहीनता के आरोप में विपक्ष के कुछ सदस्यों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव
घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। हालांकि कुछ समय बाद अध्यक्ष ने स्वयं सदन की कार्यवाही से अलग होने का निर्णय लिया।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई थी, जबकि आम बजट 1 फरवरी को पेश किया गया। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।
संसद में जारी इस टकराव के बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं।