AI तय करेगा किसकी होगी जिंदगी, किसकी मौत, विशेषज्ञों की चेतावनी

Artificial Intelligence : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर हाल ही में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट ने दुनिया भर में चर्चा और चिंता को जन्म दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविले के साइबर सुरक्षा और एआई विशेषज्ञ रोमन याम्पोलस्की ने चेतावनी दी है कि आने वाले 100 वर्षों में AI मानव सभ्यता के लिए एक गंभीर अस्तित्वगत खतरा बन सकता है।

AI का नियंत्रण से बाहर होना संभव

याम्पोलस्की ने अपनी नई किताब “AI: Unexplainable, Unpredictable, Uncontrollable” में लिखा है कि आज दुनिया में कोई भी AI सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। उनकी राय है कि तकनीकी प्रगति की तेज़ी से AI भविष्य में ऐसे स्तर पर पहुंच सकता है, जहां यह मानव नियंत्रण से बाहर होकर अपनी अलग सोच और निर्णय लेने लगे।

विशेषज्ञ का कहना है कि AI के निर्णय इतने जटिल होते जा रहे हैं कि उन्हें समझना और उनके नतीजों का अनुमान लगाना लगभग असंभव हो रहा है। आने वाले वर्षों में AI अपनी क्षमताओं को स्वायत्त रूप से विकसित कर सकता है, जिससे यह मानव हस्तक्षेप के बिना कार्य करने लगेगा।

विज्ञान जगत में मतभेद

हालांकि, इस भविष्यवाणी को लेकर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और बॉन यूनिवर्सिटी (जर्मनी) के शोध अनुसार, AI के मानव जाति को समाप्त करने की संभावना केवल 5% है।

वहीं, गूगल ब्रेन के सह-संस्थापक एंड्रयू एंग और यान लेकन ने याम्पोलस्की के दावे को नकारते हुए इसे भ्रम फैलाने वाला बताया। उनका कहना है कि कुछ टेक्नोलॉजी लीडर्स जानबूझकर लोगों में डर और असमंजस पैदा कर रहे हैं।

AI पर वैश्विक बहस तेज़

इस रिपोर्ट के बाद AI के भविष्य, इसकी सुरक्षा और मानव नियंत्रण पर बहस फिर से जोर पकड़ गई है। विशेषज्ञों का मत है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ AI के नियम और निगरानी भी सख्त करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इसके जोखिमों को कम किया जा सके।

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