अलर्ट! इन नंबरों से कॉल या मैसेज आए तो न करें रिस्पॉन्स, मिनटों में उड़ सकता है अकाउंट का पैसा

तेजी से डिजिटल होती दुनिया में मोबाइल फोन हमारी जरूरत बन चुका है, लेकिन इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए तरीके अपना रहे हैं। स्मार्टफोन यूजर्स के लिए भारत सरकार ने एक अहम चेतावनी जारी की है, जिसमें कुछ खास विदेशी नंबरों से आने वाले कॉल और मैसेज को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।

एक क्लिक में फोन हो सकता है हैक

सरकारी एडवाइजरी के मुताबिक, साइबर ठग मैसेज या वॉट्सऐप के जरिए ऐसे लिंक भेज रहे हैं, जिनमें खतरनाक मैलवेयर छिपा होता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन में वायरस इंस्टॉल हो जाता है। इसके बाद हैकर्स को फोन का कंट्रोल मिल सकता है, जिससे पर्सनल डेटा, बैंक डिटेल और यूपीआई ऐप्स तक खतरे में पड़ जाते हैं।

इन नंबरों से रहें दूर

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने खास तौर पर कुछ अंतरराष्ट्रीय नंबर सीरीज को लेकर चेताया है। अगर आपके मोबाइल पर
+92, +855, +86 या +880
से शुरू होने वाले नंबर से कॉल या मैसेज आए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इनमें से कई नंबर वर्चुअल या इंटरनेट-आधारित (VoIP) होते हैं, जिन्हें ट्रेस करना बेहद मुश्किल होता है। यही वजह है कि साइबर अपराधी इनका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।

बैंकिंग ऐप्स बने निशाना

आजकल ज्यादातर लोग अपने फोन में ही बैंकिंग और यूपीआई ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। अगर फोन हैक हो जाए, तो ठग मिनटों में खाते से पैसे निकाल सकते हैं। कई मामलों में अपराधी VPN और वर्चुअल नेटवर्क के जरिए अपनी पहचान छिपा लेते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना और भी कठिन हो जाता है।

सरकार की साफ सलाह

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध विदेशी नंबर से आए कॉल या मैसेज को न उठाएं और न ही उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करें। ऐसे नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें और इसकी शिकायत करें।

कहां करें शिकायत

  • संचार साथी पोर्टल / ऐप पर नंबर रिपोर्ट करें
  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
  • जरूरत पड़ने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी सूचना दें

सतर्कता ही सुरक्षा

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। अनजान नंबरों से आने वाले कॉल और मैसेज को नजरअंदाज करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

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