वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि दुनिया के इतिहास में आज की रात बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। ट्रंप के मुताबिक हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां एक पूरी सभ्यता के समाप्त होने जैसी स्थिति बन सकती है।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि वे ऐसी किसी स्थिति की कामना नहीं करते, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह संभव भी हो सकता है। उनका कहना था कि यदि हालात इसी दिशा में आगे बढ़ते हैं तो क्षेत्र में सत्ता परिवर्तन की संभावना भी बन सकती है, जिससे अधिक समझदार और कम कट्टरपंथी नेतृत्व सामने आ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीते कई दशकों से चल रहे दमन, भ्रष्टाचार और हिंसा के दौर का अंत होने की संभावना है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान समय रहते अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। दक्षिण अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई करते हैं तो उन्हें ईरान की प्राचीन सभ्यता की ओर से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।
इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इजरायल ने भी ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इजरायली सेना ने ईरानियों को रेल सेवाओं का उपयोग न करने की सलाह दी थी। इसके कुछ समय बाद उत्तर-पश्चिम ईरान में कई स्थानों पर हमलों की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार तबरीज–जंजान हाईवे पर बने पुल और याह्या आबाद रेलवे पुल समेत खार्ग द्वीप को निशाना बनाया गया।
इन घटनाओं के बाद मध्य-पूर्व क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।