वॉशिंगटन। लैटिन अमेरिका में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला में ड्रग्स नेटवर्क और तस्करी मार्गों पर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन कैरिबियाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की योजना पर विचार कर रहा है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में वेनेजुएला में संभावित जमीनी हमले और गुप्त अभियानों पर चर्चा तेज की है। इसी कड़ी में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने यूरोप में तैनात अमेरिकी नौसेना के उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ‘जेराल्ड आर. फोर्ड’ को कैरिबियाई सागर की ओर रवाना करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही, ट्रम्प ने सीआईए को वेनेजुएला में गुप्त अभियान चलाने की अनुमति भी प्रदान की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भी “कूटनीतिक संवाद” के रास्ते को खुला रखना चाहता है, ताकि अमेरिका में ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
इस बीच, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने देश को अमेरिकी “खतरे” से निपटने के लिए तैयार बताया। उन्होंने एक टीवी संबोधन में कहा कि सरकार ने रूस से प्राप्त 5,000 इग्ला-एस मिसाइलें तैनात कर दी हैं। मादुरो के अनुसार, ये मिसाइलें देश की शांति और संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार हैं और किसी भी हवाई हमले का जवाब देने में सक्षम हैं।
मादुरो ने चेतावनी दी कि उनकी सेना “मातृभूमि की एक-एक इंच जमीन” की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “वेनेजुएला किसी बाहरी साम्राज्यवादी शक्ति के आगे झुकेगा नहीं।”
इधर, अमेरिकी सेना ने कैरिबियाई जलक्षेत्र में ड्रग्स तस्करी से जुड़े जहाजों पर अभियान तेज कर दिया है। हाल ही में एक अभियान में छह लोगों की मौत हुई, जबकि पिछले एक महीने में ऐसे अभियानों में 43 लोग मारे जा चुके हैं।
अमेरिका लंबे समय से मादुरो शासन का कड़ा विरोध करता रहा है और उसने वेनेजुएला के तटों पर नौसैनिक जहाजों की तैनाती की हुई है। हालांकि आधिकारिक रूप से इन अभियानों को “ड्रग्स विरोधी कार्रवाई” बताया जाता है, पर विशेषज्ञ इसे राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।