Quad में अमेरिका का दोहरा रवैया उजागर, नए दस्तावेज से आतंकवाद गायब

नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मोर्चे पर नेतृत्व का दावा करने वाले अमेरिका की नीति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। क्वाड (Quad) को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से हाल में जारी आधिकारिक दस्तावेज में आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया गया है, जिससे भारत सहित कई साझेदार देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। दस्तावेज में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग, आर्थिक विकास, उभरती तकनीक और मानवीय सहायता पर जोर दिया गया है, लेकिन आतंकवाद पर एक शब्द भी नहीं कहा गया।

यह चुप्पी ऐसे समय सामने आई है, जब भारत इस साल कई बड़े आतंकी हमलों का सामना कर चुका है। कश्मीर के पहलगाम और दिल्ली के लाल किले के पास हुई घटनाओं ने देश को झकझोर दिया, वहीं क्वाड का हिस्सा ऑस्ट्रेलिया भी बोंडी बीच में हिंसक हमले से प्रभावित हुआ। इसके बावजूद अमेरिकी दस्तावेज में इस साझा खतरे का उल्लेख न होना कूटनीतिक हलकों में हैरानी का विषय बना हुआ है।

दिलचस्प बात यह है कि इसी महीने 4–5 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित क्वाड काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) की बैठक में अमेरिका का रुख बिल्कुल अलग नजर आया था। उस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने एकजुट होकर सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की थी और हालिया हमलों के दोषियों को सख्त सजा दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। लेकिन जब नीति दस्तावेज जारी करने की बारी आई, तो आतंकवाद का मुद्दा पूरी तरह गायब मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि मंचों पर समर्थन जताना और आधिकारिक दस्तावेजों में चुप्पी साधना, अमेरिका की दोहरी नीति को उजागर करता है। इस साल अप्रैल में पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए हमले के बाद भारत ने साफ संकेत दिया था कि वह अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उस वक्त क्वाड बैठकों में अमेरिका समेत सभी देशों ने भारत के रुख का समर्थन किया था, लेकिन ताजा दस्तावेज से यह संदेश कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि क्वाड जैसे मंच आतंकवाद को प्राथमिक मुद्दा नहीं बनाते, तो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के दावे अधूरे रह जाएंगे। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एकजुटता की बात करने वाले अमेरिका की यह चुप्पी न केवल भारत के लिए चिंता का संकेत है, बल्कि क्वाड की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है।

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