वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में जारी तनाव अब तीसरे सप्ताह को पार कर चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। क्षेत्र में स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच ड्रोन तथा मिसाइल हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। इन हमलों के कारण पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच “ट्रुथ सोशल” पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को लगभग हासिल कर चुका है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान के साथ किसी भी प्रकार के युद्धविराम की संभावना नहीं है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अब क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियानों की तीव्रता को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर सकता है, क्योंकि उसके कई प्रमुख लक्ष्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक हितों और सहयोगी देशों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अमेरिका के प्रमुख सैन्य उद्देश्य
अमेरिकी रणनीति के तहत कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की गई। इनमें ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना, उसके रक्षा उद्योग से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचाना और उसकी नौसेना तथा वायुसेना की शक्ति को सीमित करना शामिल है। इसके अलावा अमेरिका का एक प्रमुख लक्ष्य यह भी है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
ट्रंप ने दावा किया कि इन अभियानों के दौरान ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। उनके अनुसार, अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में ईरान परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में न पहुंच सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा अमेरिका की प्राथमिकता बनी रहेगी। उन्होंने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत जैसे देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में क्षेत्र में तनाव जल्द कम होने के स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।