वाशिंगटन: अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री मैरी मिलबेन ने भारत-अमेरिका संबंधों और वैश्विक कूटनीति को लेकर एक प्रभावशाली बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस संयम, समझदारी और रणनीतिक सोच के साथ हालात को संभाला है, उससे उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि और भी सशक्त हुई है। मिलबेन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय कूटनीति ने उन्हें विश्व मंच पर एक मजबूत और सम्मानित नेता के रूप में स्थापित किया है।
मैरी मिलबेन ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर आपसी समझ रही है, लेकिन सच्ची मित्रता वही होती है जिसमें अपनी गलतियों को स्वीकार करने का साहस हो। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका में कई लोग—जिनमें वह स्वयं भी शामिल हैं—भारत को लेकर ट्रंप प्रशासन के हालिया तीखे रुख से सहमत नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि वह लगातार राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह करती आई हैं और आगे भी करती रहेंगी कि भारत के साथ व्यवहार मित्र और रणनीतिक साझेदार के रूप में किया जाए। उनके अनुसार, भारत और अमेरिका के रिश्तों की नींव सम्मान, सहयोग और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी होनी चाहिए।
व्हाइट हाउस से अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए मिलबेन ने कहा कि वर्ष 2026 उनके लिए खास होगा, क्योंकि तब अमेरिकी राष्ट्रपति पद के साथ उनके संबंधों के 20 वर्ष पूरे हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा 2006 में शुरू हुई थी, जब उन्हें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों और उनके प्रशासन के लिए प्रस्तुतियां दीं।
मैरी मिलबेन ने कहा कि राष्ट्रपति पद के साथ निकटता ने उन्हें विश्व राजनीति को बेहद करीब से देखने और कई वैश्विक नेताओं से मिलने का अवसर दिया, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के नैतिक मूल्यों, विनम्रता, भारतीय जनता के प्रति संवेदनशीलता और नवाचार की सोच की प्रशंसा करती रही हैं।
उन्होंने कहा कि हालिया आर्थिक और व्यापारिक खींचतान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की नपी-तुली और रणनीतिक प्रतिक्रिया सराहनीय रही है। उनके मुताबिक, दबाव की परिस्थितियों में भी प्रधानमंत्री का शांत और गरिमामय रवैया उन्हें वैश्विक राजनीति में सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल करता है।
मैरी मिलबेन ने यह भी कहा कि जब अमेरिका ने भारत के प्रति अपने रुख में सख्ती दिखाई और ऊंचे शुल्क लगाने की बातें सामने आईं, तब भारत ने संयम बरतते हुए नए वैश्विक साझेदारों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि कई बार प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी भी उनकी रणनीतिक ताकत को दर्शाती है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को मिलबेन ने ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह समझौता वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उनके अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि संप्रभुता, सुरक्षा और स्वतंत्रता आज भी लोकतंत्र और वैश्विक व्यापार के मूल आधार हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधे संबोधित करते हुए मैरी मिलबेन ने कहा कि यदि अमेरिका को विश्व में शांति और नेतृत्व की भूमिका निभानी है, तो उसे भारत, यूरोप और अन्य साझेदार देशों के साथ सम्मान और सहयोग का रास्ता अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि नीति में सकारात्मक बदलाव कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और नेतृत्व की निशानी होते हैं।
अंत में उन्होंने दोहराया कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, तकनीक और लोगों के स्तर पर सहयोग बढ़ा है, हालांकि व्यापार और नीतिगत मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। इसके बावजूद, दोनों लोकतांत्रिक देशों के रिश्तों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।