क्वेटा: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी क्वेटा समेत कई इलाकों में हिंसा और विद्रोह ने ऐसी तस्वीर पेश कर दी है, जिसे कई विश्लेषक गृहयुद्ध जैसी स्थिति बता रहे हैं। सामने आ रही रिपोर्ट्स और वीडियो में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के सशस्त्र लड़ाके शहरों की सड़कों पर खुलेआम गश्त करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि सुरक्षा बलों की मौजूदगी बेहद सीमित नजर आ रही है।
सड़कों पर हथियार, जनता का समर्थन
स्थानीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे फुटेज में देखा जा सकता है कि हथियारबंद विद्रोही बाजारों और मुख्य चौराहों पर घूम रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई इलाकों में स्थानीय बलूच आबादी कथित तौर पर इन लड़ाकों का समर्थन करती नजर आ रही है। यह दृश्य पाकिस्तानी प्रशासन और सेना की पकड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
एक साथ कई शहरों में हमले
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बीएलए के एक बड़े और सुनियोजित अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत क्वेटा के अलावा नोशकी, मस्तुंग, कलात, खारान, ग्वादर, पासनी, टंप और बुलेदा जैसे कई इलाकों में एक साथ हमले किए गए। विद्रोहियों ने सुरक्षा चौकियों, पुलिस थानों और कथित खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे कई क्षेत्रों में प्रशासनिक ढांचा चरमरा गया।

सरकारी प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के अनुसार, क्वेटा में कई पुलिस थाने क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, सरकारी वाहन आग की चपेट में आए हैं और कई इमारतों पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी नहीं दिख रही। कुछ इलाकों में विद्रोहियों के कब्जे के दावे भी किए जा रहे हैं, हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्वादर तक फैली हिंसा
रणनीतिक दृष्टि से अहम ग्वादर क्षेत्र में भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं। यहां सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना है। विस्फोटों और धुएं के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस अभियान में बीएलए की महिला लड़ाकों की मौजूदगी की भी चर्चा हो रही है, जिसे विद्रोहियों की रणनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
जान-माल का नुकसान, आपात हालात
हिंसा में अब तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कम से कम 10 जवानों के मारे जाने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में विद्रोहियों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। हालात को देखते हुए क्वेटा के अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है। संचार सेवाएं बाधित हैं और रेल परिचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में सशस्त्र विद्रोहियों का खुले तौर पर सामने आना पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती है। खनिज संसाधनों से समृद्ध लेकिन लंबे समय से असंतोष झेल रहे बलूचिस्तान में यह उबाल आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका जता रहा है।