ढाका। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके देश में हिंदू समुदाय पर हमलों की खबरें झूठी और भ्रामक हैं, जिन्हें भारत की ओर से जानबूझकर फैलाया जा रहा है।
अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए एक इंटरव्यू में यूनुस ने कहा, “भारत इन दिनों झूठी खबरें फैलाने में बहुत सक्रिय है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर किसी तरह की संगठित हिंसा नहीं हो रही है। जो कुछ स्थानीय विवाद हैं, उन्हें धार्मिक रंग देना गलत और भ्रामक है।”
उन्होंने कहा कि शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई हिंसा की रिपोर्टें पूरी तरह निराधार हैं। “सरकार इस पूरे मामले में सतर्क है, लेकिन भारत बार-बार इस विषय को उछालकर राजनयिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है,” यूनुस ने कहा।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश की स्थिति को “बर्बर” बताया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनुस ने कहा, “ट्रंप को क्या वास्तव में बांग्लादेश की परिस्थितियों की जानकारी है, या वे केवल अफवाहों पर भरोसा कर रहे हैं?”
इस बीच, ढाका में हिंदू समुदाय के हजारों लोग हिंसा और गिरफ्तारी के विरोध में सड़कों पर उतरे। करीब 30,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सुरक्षा की मांग की और हिंदू नेताओं पर दर्ज देशद्रोह के मुकदमे वापस लेने की अपील की। उनकी प्रमुख मांगों में संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई भी शामिल थी, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर भारत में भी विरोध दर्ज किया गया था।
यूनुस ने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे खुद को केवल धार्मिक आधार पर न देखें, बल्कि बांग्लादेश के नागरिक के रूप में अपनी पहचान पर गर्व करें। उन्होंने कहा, “अगर आप यह कहें कि आप इस देश के नागरिक हैं और राज्य से समान सुरक्षा की अपेक्षा रखते हैं, तो इससे आपकी सुरक्षा और सम्मान दोनों बढ़ेंगे।”