भिलाई/छावनी | गुम हुए मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर यूपीआई (UPI) के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को दुर्ग पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने प्रार्थी के खाते से 1.23 लाख रुपये पार कर दिए थे।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी संतोष कुमार ने 06 मार्च 2024 को थाना छावनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका एमआई (Mi) कंपनी का मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया है। मोबाइल में लगे सिम और फोन-पे (PhonePe) का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके खाते से 1,23,900 रुपये अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर पुलिस ने धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

बिहार से जुड़ा धोखाधड़ी का तार
तकनीकी विवेचना और बैंक ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को पता चला कि ठगी की राशि सचिन किसपोट्टा (32 वर्ष), निवासी जिला कैमूर (बिहार) के खाते में जमा हुई है। साक्ष्य पुख्ता होते ही थाना छावनी की एक विशेष टीम को बिहार रवाना किया गया, जहां घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
दुर्ग लाए जाने के बाद कड़ी पूछताछ में आरोपी सचिन ने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग पुलिस की जरूरी सलाह:
- साइबर सेल और दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को सचेत करते हुए अपील की है कि:
- मोबाइल फोन गुम होने पर सबसे पहले सिम ब्लॉक कराएं।
- तत्काल बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाता को सूचना देकर UPI आईडी फ्रीज करवाएं।
- नजदीकी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि आपके फोन का गलत इस्तेमाल न हो सके।