भिलाई: इस्पात नगरी भिलाई एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और आधुनिक युवा प्रतिभा के अद्भुत संगम का गवाह बनने जा रही है। आगामी 30 जनवरी से 8 फरवरी 2026 तक सिविक सेंटर स्थित हेलिपैड ग्राउंड में “भिलाई मड़ई 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। “हमर माटी के तिहार” की थीम पर आधारित इस दस दिवसीय उत्सव में प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक छटा बिखरेगी।
आरू साहू की लाइव परफॉर्मेंस और ‘रंग झनझार’ अवॉर्ड्स:
इस वर्ष मड़ई का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू की लाइव परफॉर्मेंस होगी। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ी कला, संगीत और फिल्म जगत की प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए प्रतिष्ठित “छत्तीसगढ़ अवॉर्ड नाइट – रंग झनझार” का आयोजन किया जाएगा, जो सांस्कृतिक गौरव की एक विशेष शाम होगी।

संगीत और खेल का रोमांच:
युवाओं के लिए इस बार ‘बैंड वार’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुर्ग, भिलाई, रायपुर और बिलासपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के रॉक और फ्यूजन बैंड्स अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहीं, मिट्टी से जुड़ी खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए एक भव्य कबड्डी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच:
भिलाई मड़ई 2026 में बच्चों और युवाओं के लिए प्रतियोगिताओं की लंबी फेहरिस्त है। इसमें गायन, नृत्य, ओपन माइक, रॉक बैंड के साथ-साथ ‘छत्तीसगढ़ बिगेस्ट हिप हॉप सीन’ भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा रंगोली, पेंटिंग, जनजातीय बॉडी आर्ट, फैंसी ड्रेस, मैन फिजीक और बॉडीबिल्डिंग जैसी स्पर्धाएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प को बढ़ावा:
आयोजन स्थल पर स्थानीय व्यापारियों और हस्तशिल्प कारीगरों के लिए विशेष ज़ोन बनाए गए हैं। यहाँ आने वाले दर्शक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वाद के साथ-साथ पारंपरिक शिल्प और विभिन्न ब्रांड्स के स्टॉल्स का आनंद ले सकेंगे।
50 हजार से अधिक दर्शकों की उम्मीद:
आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष भिलाई मड़ई में 50,000 से अधिक दर्शकों के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपराओं और आधुनिक सोच को एक साथ लाने का एक साझा मंच है।