भिलाई/दुर्ग 13 जनवरी मंगलवार,’मिनी इंडिया’ के रूप में विख्यात भिलाई शहर आज से शुरू होने वाले त्योहारों के उल्लास में डूब गया है।बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर भिलाई में भारत के विभिन्न प्रांतों की संस्कृतियां एक साथ नजर आएंगी। शहर में आज रात जहां पंजाबी समाज पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ लोहड़ी जलाएगा, वहीं तेलुगु समाज ‘बोगी’ पर्व मनाकर खुशहाली की कामना करेगा। बुधवार को मकर संक्रांति, पोंगल और खिचड़ी उत्सव के साथ पूरा शहर उत्सवमय रहेगा।
ससुराल पहुंची बेटियों की ‘कोथली’
लोहड़ी के पर्व को लेकर पंजाबी समाज में विशेष उत्साह है। परंपरा के अनुसार, विवाहित बेटियों के ससुराल में उनके मायके से तिल, गुड़, रेवड़ी, फुल्ले (पॉपकॉर्न), मूंगफली और मिठाइयां उपहार स्वरूप भेजी गई हैं। मंगलवार रात लोहड़ी की पवित्र अग्नि के चारों ओर भांगड़ा और गिद्दा की थाप सुनाई देगी।
वहीं, दक्षिण भारतीय (तेलुगु) समाज आज ‘बोगी’ का पर्व मना रहा है। इस परंपरा के तहत घर के पुराने कचरे और अनुपयोगी वस्तुओं को इकट्ठा कर जलाया जाएगा। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

बाजारों में ‘संक्रांति’ की रौनक
इधर,मकर संक्रांति को लेकर शहर के मुख्य बाजारों में दो दिनों से भारी भीड़ देखी जा रही है। तिल-गुड़ के लड्डू, गजक, मूंगफली और राजगीरे के लड्डू की मांग बढ़ गई है। बाजार में लोग कच्चे माल के साथ-साथ रेडीमेड लड्डुओं और पेठा की खरीदारी करते नजर आए।
भिलाई में दिखेगा ‘लघु भारत’ का स्वरूप
- गुजराती समाज: कल ‘खिचड़ी पाव’ मनाकर दान-पुण्य करेगा
- महाराष्ट्रीयन समाज: महिलाएं एक-दूसरे को ‘तिल-गुड़’ देकर ‘हल्दी-कुमकुम’ का आयोजन करेंगी।
- दक्षिण भारतीय समाज: फसल उत्सव ‘पोंगल’ का भव्य आयोजन होगा।
- पवित्र स्नान: शिवनाथ नदी के तट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, जहां लोग आस्था की डुबकी लगाकर दान-पुण्य करेंगे।
- ‘मिनी इंडिया’ भिलाई में संस्कृतियों का संगम
- पंजाबी समाज में लोहड़ी की तैयारी, बेटियों के घर पहुंची ‘कोथली’
- तेलुगु समाज आज जलाएगा ‘बोगी’, सुख-समृद्धि की करेंगे कामना
- बाजारों में तिल-गुड़ की खुशबू, खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़