बिहार | बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पटना एसएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने बाढ़ के कारगिल मार्केट इलाके में छापेमारी कर अनंत सिंह को हिरासत में लिया।
सूत्रों के मुताबिक, अनंत सिंह के आत्मसमर्पण की संभावना पहले से जताई जा रही थी। इसी बीच, पटना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की और उन्हें कस्टडी में ले लिया।
सीआईडी ने संभाली जांच की कमान
इस मामले की जांच अब बिहार पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) के हाथों में है। जांच की निगरानी डीआईजी जयंत कांत कर रहे हैं, जिन्होंने खुद मोकामा के बसावन चक में घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल (Forensic Science Laboratory) टीम के साथ मिलकर सीआईडी अधिकारियों ने इलाके की गहन जांच की और महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए।
फोरेंसिक टीम को मिले अहम सुराग
जांच के दौरान टीम ने घटना में शामिल क्षतिग्रस्त वाहनों की जांच की और फोरेंसिक नमूने जुटाए। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर रेलवे पटरियों में इस्तेमाल होने वाले पत्थर मिले हैं, जो मोकामा ताल क्षेत्र में सामान्य रूप से नहीं पाए जाते — इससे साजिश की आशंका और गहरी हो गई है। सभी नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुला राज़
शुरुआत में यह दावा किया जा रहा था कि दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से हुई, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इस दावे को आंशिक रूप से गलत बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, घातक चोट वाहन की चपेट में आने से छाती पर लगी, जिससे कई फ्रैक्चर और फेफड़ों में गंभीर क्षति हुई।
बाढ़ में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक पोस्टमॉर्टम किया था।
सियासी पारा चढ़ा
अनंत सिंह की गिरफ्तारी से न केवल मोकामा की राजनीति में हलचल मच गई है, बल्कि राज्य की सियासत में भी नई सरगर्मियां देखने को मिल रही हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं।