मुंबई। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में शनिवार 7 फरवरी से शुरू हो रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा फैसला सामने आया है। टूर्नामेंट के पहले ही दिन अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में उतरने जा रही टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन को मैदान में उतरने से पहले ही झटका लगा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI ने 2025-26 सीजन की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची से ईशान किशन को बाहर कर दिया है।
हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, निरंतरता और टीम में भूमिका को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची तैयार की है। बताया जा रहा है कि इस बार कुल 30 खिलाड़ियों को अलग-अलग ग्रेड में जगह दी गई है, लेकिन इसमें ईशान किशन का नाम शामिल नहीं है। यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि ईशान को टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में चुना गया है और वे लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम में लौटे हैं।
पिछले सीजन में, जब ईशान किशन टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे, तब उन्हें ग्रेड-सी कॉन्ट्रैक्ट के तहत सालाना एक करोड़ रुपये मिले थे। लेकिन इस बार विश्व कप खेलने के बावजूद उनका नाम सूची से गायब होना चयन नीति पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यदि ईशान वर्ल्ड कप में दमदार प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें सीजन के बीच में दोबारा कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मोहम्मद शमी समेत पांच खिलाड़ियों की छुट्टी
ईशान किशन के अलावा इस सूची से बाहर होने वालों में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम भी शामिल है। पिछले साल ग्रेड-ए में जगह पाने वाले शमी को सालाना पांच करोड़ रुपये मिलते थे। लगातार चोटों और हालिया चयन विवादों के चलते अब उनका कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर अटकलों को और तेज कर रहा है।
शमी और ईशान के साथ-साथ सरफराज खान, मुकेश कुमार और रजत पाटीदार को भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है। ये तीनों खिलाड़ी पिछले सीजन ग्रेड-सी में थे, लेकिन हालिया प्रदर्शन और चयन समीकरणों में पीछे रह गए।
साई सुदर्शन की एंट्री
वहीं दूसरी ओर, BCCI ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन पर भरोसा जताते हुए उन्हें पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया है। घरेलू क्रिकेट और सीमित मौकों में शानदार प्रदर्शन का उन्हें इनाम मिला है।
टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आए इस फैसले ने भारतीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है—जहां एक ओर कुछ अनुभवी और स्थापित नाम बाहर हुए हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को आगे बढ़ाने का संकेत भी साफ नजर आ रहा है।