सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा फैसला: पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के विकास के लिए 80 करोड़ का बजट, 40 कंपनियों के साथ MOU से खुलेंगे रोजगार के द्वार

दुर्ग | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोक निर्माण विभाग (PWD) कॉन्फ्रेंस हॉल में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कैबिनेट मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, 35 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और कई जिलों के कलेक्टरों की उपस्थिति में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान क्षेत्र के विकास और युवाओं के रोजगार को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

प्राधिकरण के जरिए पिछड़े क्षेत्रों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने 27 जिलों के अंतर्गत आने वाली 35 विधानसभा सीटों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने बताया कि सदस्यों के सुझावों के आधार पर प्राधिकरण के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाएगा।

IIT भिलाई और 40 कंपनियों के बीच एमओयू (MOU)

प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIT भिलाई के डायरेक्टर और 40 प्रतिष्ठित कंपनियों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें छत्तीसगढ़, अन्य राज्यों और कुछ विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

चिटफंड निवेशकों को मिली राहत: यश ड्रीम के पीड़ितों को लौटाए पैसे

बैठक के दौरान एक मानवीय पहल करते हुए चिटफंड कंपनी यश ड्रीम की ठगी का शिकार हुए निवेशकों को उनकी डूबी हुई रकम वापस की गई। कंपनी की संपत्ति कुर्क करने के बाद पुलिस द्वारा निवेशकों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 6 निवेशकों को चेक प्रदान किए गए।

शिक्षा क्षेत्र में भी होंगे बड़े कार्य

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जानकारी दी कि प्राधिकरण के माध्यम से स्कूलों में ढांचागत सुधार और कई विकास कार्य किए जाएंगे।

बैठक में रही दिग्गजों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, गुरु खुशवंत साहिब, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित संबंधित विधानसभाओं के विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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