नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को नई ब्याज दरों को लेकर अहम जानकारी दी है। बैंक ने कर्ज और सावधि जमा (FD) दोनों पर ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला लिया है, जो आगामी सप्ताह से प्रभावी होगी। इस बदलाव का असर होम लोन, ऑटो लोन समेत अन्य ऋणों की ईएमआई और एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ेगा।
बैंक का यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में रेपो रेट में की गई कटौती के बाद लिया गया है। RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी की थी, जिसके बाद बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत घटी है। इसी क्रम में SBI ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 0.05 फीसदी की कटौती की है, जिससे नए और फ्लोटिंग रेट वाले लोन सस्ते हो जाएंगे।
नई दरों के तहत ओवरनाइट और एक महीने की MCLR को घटाकर 7.85 फीसदी कर दिया गया है। तीन महीने की MCLR अब 8.25 फीसदी, छह महीने की 8.60 फीसदी और एक से दो साल की अवधि के लिए 8.70 फीसदी निर्धारित की गई है। वहीं, तीन साल की MCLR घटकर 8.80 फीसदी हो गई है। इससे लोन लेने वालों को आने वाले समय में ईएमआई में कुछ राहत मिलने की संभावना है।
इसके साथ ही SBI ने फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में भी मामूली कमी की है। दो से तीन साल की अवधि वाली एफडी पर सामान्य ग्राहकों को अब 6.40 फीसदी ब्याज मिलेगा, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.90 फीसदी तय की गई है। बैंक की विशेष 444 दिनों वाली ‘अमृत वृष्टि’ एफडी स्कीम पर ब्याज दर को भी घटाकर 6.45 फीसदी कर दिया गया है।
बैंक के अनुसार, छोटी अवधि की एफडी पर भी संशोधित दरें लागू होंगी। 7 से 45 दिनों की एफडी पर 3.05 फीसदी, 46 से 179 दिनों पर 4.90 फीसदी और 180 से 210 दिनों की एफडी पर 5.65 फीसदी ब्याज मिलेगा। एक साल से कम अवधि की एफडी पर ब्याज दर 5.90 फीसदी तय की गई है। वरिष्ठ नागरिकों को सभी अवधि की एफडी पर अतिरिक्त 0.50 फीसदी ब्याज का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
इस फैसले से जहां लोन लेने वालों को राहत मिलेगी, वहीं एफडी निवेशकों को थोड़ा कम रिटर्न से संतोष करना होगा।