नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के असर से सोना और चांदी के दामों में इस साल जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। जनवरी में दोनों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया। अब लगातार गिरावट के बाद दामों में कुछ स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
MCX पर रिकॉर्ड के बाद तेज गिरावट
Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर जनवरी के अंत में सोना और चांदी ने ऐतिहासिक ऊंचाई छुई थी। 29 जनवरी को चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के लाइफटाइम हाई पर पहुंची, जबकि सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज किया गया।
हालांकि इसके बाद बाजार का रुख पलटा और दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ताजा कारोबारी सत्र में चांदी 4,685 रुपये टूटकर 2,35,206 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.80 लाख रुपये कम है। वहीं सोना 1,210 रुपये गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 38 हजार रुपये नीचे है।
सर्राफा बाजार में भी दबाव
राजधानी Delhi के सर्राफा बाजार में भी जनवरी के अंत में कीमतों ने रिकॉर्ड बनाया था। 29 जनवरी को चांदी 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।
16 फरवरी को बाजार बंद होते समय चांदी 5,000 रुपये की गिरावट के साथ 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही, जो अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.49 लाख रुपये कम है। दूसरी ओर सोना 700 रुपये की तेजी के साथ 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, लेकिन यह भी अपने उच्चतम स्तर से 23,800 रुपये नीचे कारोबार कर रहा है।
आगे क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति के आधार पर आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, जनवरी की रिकॉर्ड ऊंचाई के मुकाबले सोना और चांदी दोनों ही काफी नीचे स्तर पर बने हुए हैं, जिससे निवेशक बाजार की दिशा पर नजर रखे हुए हैं।