अमृतसर। पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था उस समय कड़ी कर दी गई, जब एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास एक संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी गई। घटना सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ा दी गई और एहतियातन हवाई अड्डे का संचालन करीब एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार यह घटना 5 फरवरी की रात लगभग 9 बजे की है। एयरपोर्ट के समीप आसमान में एक ड्रोन जैसी वस्तु नजर आने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दी। हवाई अड्डा अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण बिना किसी जोखिम के उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई और रनवे को खाली कराया गया।
उड़ानों पर पड़ा असर
इस सुरक्षा अलर्ट का असर विमान परिचालन पर भी देखने को मिला। लैंडिंग की अनुमति अस्थायी रूप से रोके जाने के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। शारजाह से अमृतसर आ रही एक फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया, जबकि एक अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान को भी वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया गया। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए एयरपोर्ट स्टाफ द्वारा लगातार सूचनाएं दी जाती रहीं।
जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
ड्रोन की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी, पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। फिलहाल ड्रोन के स्रोत, उसके ऑपरेटर और उद्देश्य का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं।
स्थिति सामान्य, सतर्कता बरकरार
करीब एक घंटे बाद जब स्थिति सामान्य पाई गई और कोई प्रत्यक्ष खतरा सामने नहीं आया, तब जाकर उड़ान संचालन दोबारा शुरू किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
इस घटना के बाद अमृतसर एयरपोर्ट समेत आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और ड्रोन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।