रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) और आबकारी घोटाले से जुड़े मामले में आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लगभग 22 महीनों से जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। अदालत ने इनके साथ नितेश पुरोहित और यश पुरोहित को भी जमानत देने का आदेश दिया है।
सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
जमानत याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अरविंद वर्मा की एकल पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अब चारों आरोपियों को जमानत देने का आदेश जारी कर दिया है।
ईओडब्ल्यू ने दोबारा की थी गिरफ्तारी
मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को उस समय दोबारा गिरफ्तार किया था, जब वे पहले से ही जेल में बंद थे। जांच एजेंसी ने अनिल टुटेजा को डीएमएफ घोटाले में आरोपी बनाया था, जबकि अनवर ढेबर को आबकारी से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बचाव पक्ष ने उठाए कानूनी सवाल
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि जांच एजेंसी की कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया में आरोपियों के संवैधानिक और विधिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सार्वजनिक करते हुए चारों आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया गया है। इस निर्णय के बाद प्रदेश के चर्चित डीएमएफ और आबकारी घोटाले से जुड़े मामले में एक अहम कानूनी मोड़ सामने आया है।