लखनऊ: राजधानी में आयोजित एक संगठनात्मक बैठक में अखिलेश यादव ने केंद्र और प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं और लोकतांत्रिक व समाजवादी मूल्यों को कमजोर करती हैं।
बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समान अवसर के सिद्धांतों पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विरोधियों के उकसावे या दुष्प्रचार से प्रभावित न हों और जमीनी स्तर पर जनता के बीच सकारात्मक संदेश लेकर जाएं।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को साथ लेकर चलने की नीति ही प्रदेश के विकास का रास्ता है। उन्होंने संगठन में आपसी समन्वय और मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव निर्णायक साबित होंगे।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कई विकास परियोजनाओं का लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है, जबकि वर्तमान सरकार उपलब्धियों के बजाय प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के हितों को प्राथमिकता देने का वादा दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया।