नेशनल डेस्क – भारतीय यूज़र्स अब स्वदेशी तकनीक को अपनाने में तेजी दिखा रहे हैं और इस क्रम में Zoho Mail खासा लोकप्रिय हो रहा है। जोहो कॉर्पोरेशन, जो Arattai App के लिए जानी जाती है, ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म को इस तरह डिज़ाइन किया है कि कई लोग अब Gmail छोड़कर Zoho Mail का इस्तेमाल कर रहे हैं।
1. बड़े अटैचमेंट की सुविधा
Zoho Mail पर एक बार में 1GB तक की फाइल अटैच की जा सकती है। अगर फाइल इससे बड़ी होती है, तो प्लेटफॉर्म अपने आप लिंक जनरेट करके ईमेल में जोड़ देता है। इसके मुकाबले, Gmail केवल 25MB तक की फाइल भेजने की सुविधा देता है, और बड़ी फाइलों के लिए Google Drive का इस्तेमाल करना पड़ता है।
2. सुरक्षा पर विशेष ध्यान
Zoho Mail में TLS एन्क्रिप्शन के साथ-साथ S/MIME सपोर्ट भी मौजूद है। इसका मतलब है कि यूज़र के ईमेल और संवेदनशील डेटा को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिससे महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रहें।
3. स्मार्ट इनबॉक्स मैनेजमेंट
Zoho Mail का Smart Filters फीचर ईमेल्स को ऑटोमैटिकली स्कैन कर उन्हें विभिन्न फोल्डरों में कैटेगराइज कर देता है – जैसे नोटिफिकेशन, न्यूजलेटर या प्रमोशनल ईमेल। इससे जरूरी ईमेल जल्दी ढूंढना और इनबॉक्स साफ रखना आसान हो जाता है।
4. डेटा प्रबंधन और कानूनी सुविधा
- Zoho Mail पेशेवर और बिज़नेस यूज़र्स के लिए डेटा प्रबंधन टूल्स भी प्रदान करता है:
- Email Retention: सभी ईमेल का बैकअप सुरक्षित रखा जा सकता है।
- eDiscovery: किसी खास ईमेल को कानूनी या अन्य जरूरतों के लिए तुरंत खोजा जा सकता है।
ये फीचर्स Zoho Mail को ऑफिस और व्यावसायिक उपयोग के लिए आकर्षक बनाते हैं।
5. प्रोडक्टिविटी टूल्स का इंटीग्रेशन
Zoho Mail में नोट्स, कैलेंडर, कॉन्टैक्ट्स और बुकमार्क्स जैसे टूल्स भी शामिल हैं। इसका मतलब है कि यूज़र को अलग-अलग ऐप्स पर स्विच करने की जरूरत नहीं और उनका सारा काम एक ही जगह पर पूरा हो जाता है।