कुम्हारी/दुर्ग |केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को दुर्ग जिले के कुम्हारी में आयोजित भव्य किसान मेला में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए खेती को आधुनिक और लाभप्रद बनाने पर जोर दिया।
चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पछाड़ा
किसानों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि भारत आज चावल उत्पादन में दुनिया में नंबर वन बन चुका है और हमने इस मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। देश में रिकॉर्ड 18 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ है, जिसमें ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ का अमूल्य योगदान है।

कृषि विकास दर और तकनीक पर जोर
श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में कृषि की विकास दर 4.45 प्रतिशत है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि यदि खेती को लाभ का धंधा बनाना है, तो अब लकीर का फकीर बनने से काम नहीं चलेगा। परंपरागत फसलों के साथ-साथ किसानों को:
- फलों, सब्जियों और मसालों की खेती करनी होगी।
- औषधीय फसलों और उन्नत कृषि तकनीक को अपनाना होगा।
- नई तकनीक और उन्नत बीजों का प्रयोग करना होगा।
किसान केवल अन्नदाता नहीं, जीवनदाता है
भावुक होते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है और किसान उसकी आत्मा। किसान केवल अन्नदाता नहीं बल्कि जीवनदाता है, और जीवनदाता भगवान के समान होता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ का निर्माण हो रहा है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सब्जी उत्पादन में छत्तीसगढ़ का बढ़ता दबदबा
सब्जी और फल उत्पादन में भारत के रिकॉर्ड प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में उगाई जा रही सब्जियां दूसरे राज्यों में भेजी जा रही हैं, जो राज्य के किसानों की मेहनत का परिणाम है।
इसके अलावा किसान मेले में खेती के आधुनिक तौर-तरीकों और नवाचारों की जमकर सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार किसानों की सुरक्षा के लिए जल्द ही सख्त कानून लाने जा रही है।

*ग्राफ्टिंग तकनीक और ड्रैगन फ्रूट की खेती देख हुए गदगद
खेतों का भ्रमण करने के दौरान केंद्रीय मंत्री ने वहां हो रहे प्रयोगों को देखा। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ बैंगन की जड़ों पर टमाटर और तीखी मिर्च के पौधे पर शिमला मिर्च उगाई जा रही है। गन्ने, कपास और केले के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ के किसान ब्लूबेरी और ड्रैगन फ्रूट जैसी विदेशी फसलों की खेती भी कर रहे हैं।
धान बनाम सब्जी: मुनाफे का गणित
दौरे के दौरान किसानों ने मंत्री को बताया कि परंपरागत धान की खेती में प्रति एकड़ लगभग 35 से 40 हजार रुपये की बचत होती है, जबकि उन्नत तकनीक से सब्जियों की खेती करने पर 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का शुद्ध लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

संसद के अगले सत्र में आएगा ‘सीड एक्ट’
किसानों की समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए श्री चौहान ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नकली खाद और बीज बेचने वाली कंपनियों पर नकेल कसने के लिए संसद के आगामी सत्र में ‘सीड एक्ट’ (Seed Act) लाया जाएगा। इसके साथ ही कीटनाशकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पेस्टिसाइड कानून भी लाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अनुसंधान और रिसर्च के लिए सरकार पूरा फंड देगी।
किसानों को ‘दिल्ली’ का बुलावा
मेले में प्रगतिशील किसानों द्वारा हाईटेक मंडी और प्रशिक्षण केंद्र की मांग पर मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने सभी प्रगतिशील किसानों को फरवरी माह में दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘कृषि चिंतन शिविर’ के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया।
मंच पर मौजूद रहे दिग्गज
इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डे समेत कई वरिष्ठ नेता और युवा प्रगतिशील किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे।