रायपुर: अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब छत्तीसगढ़ के ट्रैवल्स कारोबार पर देखने को मिल रहा है। सुरक्षा चिंताओं के कारण यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से दूरी बनाना शुरू कर दी है।
गर्मियों की छुट्टियों के दौरान विदेश यात्रा सामान्यतः बढ़ जाती है, लेकिन इस बार ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार मिडिल ईस्ट जाने वाले लगभग 100% यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है, जबकि यूरोप जाने वाले करीब 50% यात्रियों ने भी टिकट कैंसिल कराया है।
25 करोड़ का नुकसान
पिछले डेढ़ महीने से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते ट्रैवल्स कारोबार को करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पहले से बुक किए गए टूर पैकेज भी रद्द हो रहे हैं, जिससे एजेंसियों की आमदनी पर बड़ा असर पड़ा है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि यात्री अब सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और जोखिम वाले मार्गों से बच रहे हैं।
मिडिल ईस्ट और यूरोप के रूट प्रभावित
यूरोप जाने वाली ज्यादातर फ्लाइट्स दुबई, दोहा और इस्तांबुल जैसे शहरों से होकर गुजरती हैं। इन क्षेत्रों में तनाव बढ़ने के कारण यात्री इन मार्गों से यात्रा करने से बच रहे हैं। मिडिल ईस्ट के कई देशों में युद्ध की स्थिति के चलते वहां की बुकिंग लगभग ठप हो गई है।
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना
अंतरराष्ट्रीय यात्रा में गिरावट के बीच घरेलू पर्यटन को फायदा मिलने की संभावना है। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार इस बार लोग गोवा, कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे सुरक्षित और ठंडे गंतव्यों की ओर रुख कर सकते हैं। आगामी दिनों में इन स्थानों की बुकिंग में तेजी आने की उम्मीद है।
रायपुर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अब भी सपना
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर से अभी तक कोई नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू नहीं हो पाई है। यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती है। बैंकॉक और सिंगापुर के लिए फ्लाइट शुरू करने की योजना अभी अमल में नहीं आ सकी है।
टिकट कैंसिलेशन और रिफंड
ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियां कैंसिल किए गए टिकट पर पूरा रिफंड दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य नहीं होती, विदेशी यात्रा में यह गिरावट जारी रह सकती है।