एन्फोर्समेंट ऑफ़ वॉइस (EOW) ने लंबे समय से फरार चल रहे कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी राकेश जैन को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। जैन पर राज्य के अधिकारियों और कारोबारियों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोपी को अदालत ने 19 दिसंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों की ठगी
जानकारी के मुताबिक, राकेश जैन ने लोगों को आकर्षक इन्वेस्टमेंट स्कीमों में फंसाकर भारी रकम वसूली थी। उसने सरकारी अधिकारियों को टेंडर दिलाने और आम निवेशकों को 10 गुना रिटर्न का वादा कर करोड़ों रुपये ठगे। जैन ने फर्जी कंपनियों का नेटवर्क बनाकर यह पैसा हवाला के जरिए अपने आकाओं तक पहुंचाया।
करोड़ों की ठगी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस ठगी की राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक है। इस जाल में कई डॉक्टर, सरकारी अधिकारी और बड़े व्यापारी शामिल थे। जैन ने अपने शिकारों को भरोसा दिलाने के लिए हाई-लेवल कनेक्शन होने का दावा किया। EOW अब इस मामले में और पीड़ितों की पहचान कर रही है।
राज्य के कई जिलों में दर्ज FIR
राकेश जैन पर राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 16 FIRs दर्ज थीं। इनमें रायपुर के कोतवाली, मौदहापारा, टिकरापारा, दुर्ग और राजनांदगांव प्रमुख हैं। इसके अलावा, EOW में भी मामला दर्ज था। गिरफ्तारी से बचने के लिए जैन लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
EOW की इस कार्रवाई से कोयला घोटाले के कई बड़े रहस्य उजागर होने की संभावना है और जांच अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है।