इमरान खान की सेहत पर बढ़ी चिंता: कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत 14 पूर्व कप्तानों की पाक सरकार से 3 बड़ी मांगें

नई दिल्ली | पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में गिरती सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो गई है। 1992 में पाकिस्तान को विश्व कप जिताने वाले इस दिग्गज नेता को 2023 में लाहौर से गिरफ्तारी के बाद रावलपिंडी की आदियाला जेल में रखा गया है। हाल के दिनों में उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरों ने खेल जगत के कई बड़े नामों को चिंतित कर दिया है।

इसी क्रम में भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत दुनिया भर के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान सरकार से अपील की है। इन दिग्गजों ने एक साझा संदेश के माध्यम से कहा कि इमरान खान न केवल पाकिस्तान के लिए बल्कि विश्व क्रिकेट के इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं, इसलिए उनके साथ मानवीय और गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में याद दिलाया कि 1992 विश्व कप में इमरान खान के नेतृत्व ने पाकिस्तान क्रिकेट को नई पहचान दी थी और देश में खेल के विकास में उनकी भूमिका अहम रही है। मौजूदा परिस्थितियों में उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए दिग्गजों ने तीन प्रमुख मांगें सामने रखी हैं।

पहली मांग के तहत उन्होंने इमरान खान को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और अपनी पसंद के विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की अनुमति देने की बात कही है। दूसरी मांग में अंतरराष्ट्रीय जेल मानकों के अनुरूप सम्मानजनक व्यवहार, परिवार व मित्रों से मुलाकात की पूरी अनुमति और बुनियादी सुविधाओं की गारंटी शामिल है। तीसरी मांग में यह सुनिश्चित करने की अपील की गई है कि उन्हें पारदर्शी और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।

इस पहल में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन और नासिर हुसैन, ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर और स्टीव वॉ, साथ ही वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड जैसे कई दिग्गजों ने भी समर्थन जताया है।

क्रिकेट जगत के इन प्रतिष्ठित नामों का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीति से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी के स्वास्थ्य और अधिकारों से संबंधित है जिसने खेल के माध्यम से वैश्विक पहचान बनाई। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में शीघ्र और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *