दुर्ग, 06 अप्रैल। खरसिया-नया रायपुर-परमाल कसा रेल परियोजना के सर्वे का विरोध करने पर ग्राम पुरई के चार किसानों की गिरफ्तारी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी ने पुलिस की इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण राकेश ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसपी से मुलाकात कर किसानों की ‘निशर्त रिहाई’ की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
लोकतंत्र में आवाज दबाने का आरोप
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए राकेश ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेल परियोजना के नाम पर किसानों की आवाज को जबरन दबाया जा रहा है। ग्राम पुरई में सर्वे के दौरान अपनी जायज आपत्तियां दर्ज कराने वाले किसानों को ‘कार्य में बाधा’ डालने के नाम पर गिरफ्तार करना पूरी तरह गलत है।

विकास का विरोध नहीं, हक की लड़ाई
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि किसान विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे अपनी जमीन और जीविकोपार्जन के साधनों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, “अपनी मांगों को रखना अपराध नहीं है। पुलिस की यह कार्रवाई किसानों को डराने और उनकी जमीनें छीनने का प्रयास है।”