नक्सलवाद को लेकर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने: कांग्रेस-भाजपा में तीखी जुबानी जंग

रायपुर। प्रदेश में एक बार फिर नक्सलवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों ने नक्सल समस्या के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे यह मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “नक्सली कांग्रेस के दामाद हैं, इसीलिए बस्तर जैसे क्षेत्रों के विकास में लगातार बाधा उत्पन्न की गई। कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों का शोषण किया है।” उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलियों के प्रति नरमी बरतने का आरोप लगाया।

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने चंद्राकर के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा, “भाजपा 15 साल तक सत्ता में रही, तब क्यों नक्सलवाद खत्म नहीं कर पाए? अगर आज नक्सलवाद है, तो इसकी जड़ें उन्हीं के शासन में पनपी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “भाजपा को पहले ये जवाब देना चाहिए कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और नक्सलियों के बीच क्या संबंध हैं, जो उन्हें ‘भाई’ कहकर संबोधित करते हैं।”

दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नक्सलवाद के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास और विश्वास जीतने का प्रयास किया है।

प्रदेश की राजनीति में नक्सलवाद एक बार फिर से बहस का मुद्दा बन गया है, जहां एक ओर भाजपा सरकार पर नक्सलियों से मिलीभगत का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा पर विफलता और दोहरे रवैये का आरोप मढ़ रही है।

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