इंदौर/महू। इंदौर में दूषित पानी से जुड़ी घटनाओं की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब महू क्षेत्र से भी स्वास्थ्य संकट की तस्वीर सामने आ गई है। यहां पेयजल आपूर्ति में गंदगी मिलने से पीलिया और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते करीब दो हफ्तों में पत्ती बाजार और मोती महल क्षेत्र में 20 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार नलों से आने वाला पानी न केवल मटमैला है, बल्कि उसमें दुर्गंध भी है। कई परिवारों में एक साथ बच्चे बीमार होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। बीमारी के चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। कुछ छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, तो कुछ को परीक्षाएं छोड़नी पड़ी हैं। छोटे बच्चे तेज बुखार, उल्टी और पीलिया जैसे लक्षणों से जूझ रहे हैं।
मोती महल इलाके की स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। यहां कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जबकि एक बुजुर्ग मरीज को गंभीर लिवर संक्रमण के चलते इंदौर रेफर किया गया है। लोगों का आरोप है कि पेयजल की पाइपलाइन गंदे नालों के पास से गुजरती है और जगह-जगह लीकेज होने के कारण नाले का पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। प्रभावित इलाकों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं और मेडिकल टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। गुरुवार रात स्थानीय विधायक उषा ठाकुर ने क्षेत्र का दौरा किया, वहीं देर रात कलेक्टर शिवम वर्मा भी अस्पताल और प्रभावित कॉलोनियों में पहुंचे। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन का दावा है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही जल आपूर्ति में लापरवाही या तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। महू में उभरे इस संकट ने एक बार फिर शहरी जल प्रबंधन और पेयजल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।