Credit Card Tips: एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखना फायदेमंद या जोखिम भरा? जानिए सही बैलेंस आज के समय में क्रेडिट कार्ड सिर्फ भुगतान का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि रिवॉर्ड, कैशबैक और सुविधाओं का पूरा पैकेज बन चुका है। ऐसे में एक कार्ड के बाद दूसरा और फिर तीसरा कार्ड लेने का मन बनना स्वाभाविक है। लेकिन असली सवाल यह है कि ज्यादा क्रेडिट कार्ड आपकी जेब के लिए सही हैं या नहीं?
अलग-अलग कार्ड, अलग फायदे
एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर कार्ड किसी न किसी खास खर्च पर बेहतर लाभ देता है। कोई कार्ड रोजमर्रा की खरीदारी पर कैशबैक देता है, तो कोई ट्रैवल, होटल या फ्लाइट बुकिंग पर रिवॉर्ड पॉइंट्स बढ़ा देता है। समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो कुल बचत और सुविधाएं दोनों बढ़ सकती हैं।
क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है?
कई कार्ड होने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट बढ़ जाती है। अगर आप खर्च सीमित रखते हैं और समय पर भुगतान करते हैं, तो क्रेडिट यूटिलाइजेशन कम रहता है, जो स्कोर के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा किसी एक कार्ड में दिक्कत आने पर दूसरा कार्ड बैकअप के तौर पर काम आता है।
जोखिम को नजरअंदाज न करें
हालांकि, ज्यादा कार्ड होने के नुकसान भी हैं। कई बिलिंग डेट और भुगतान की जिम्मेदारी के कारण खर्च पर नियंत्रण कमजोर पड़ सकता है। एक भी भुगतान में देरी होने पर क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है। वहीं, प्रीमियम कार्ड की सालाना फीस और ईएमआई का बोझ बजट बिगाड़ सकता है।
तो कितने कार्ड हों बेहतर?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आमतौर पर 1 से 3 क्रेडिट कार्ड काफी होते हैं। एक मुख्य कार्ड रोजमर्रा के खर्च के लिए, दूसरा किसी खास कैटेगरी या बैकअप के रूप में और जरूरत हो तो तीसरा ट्रैवल या प्रीमियम सुविधाओं के लिए। लेकिन जिन लोगों को खर्च ट्रैक करने में दिक्कत होती है, उनके लिए एक ही कार्ड ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।