धान खरीदी पर संकट: सहकारी समिति कर्मचारी 24 घंटे पूर्व तक डटे रहे हड़ताल पर

दुर्ग : छत्तीसगढ़ में सहकारी समिति कर्मचारी संघ की अनिश्चित कालीन हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। धान खरीदी के सिर्फ एक दिन पूर्व यह हड़ताल संपन्न होने वाली है, जिससे प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

संघ अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर है। दरअसल, प्रदेश सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी करने के निर्देश दिए हैं, जबकि मंडियों से धान का उठाव अप्रैल माह तक किए जाने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि इस कारण धान सूखने से उसका वजन घट सकता है, और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा कर्मचारी संघ वेतनमान और प्रबंधकीय अनुदान की मांग भी प्रमुखता से कर रहा है।

कर्मचारियों का मानना है कि धान खरीदी के 24 घंटे पूर्व तक हड़ताल जारी रहने से खरीदी प्रक्रिया पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, और इसका असर किसानों और मंडियों दोनों पर पड़ेगा।

संघ के सदस्यों ने कहा है कि वे प्रदेश सरकार से देर रात तक उनकी मांगों पर सार्थक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अगर सरकार उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं करती है, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

यह स्थिति धान खरीदी की समयबद्धता और किसानों की हितों को लेकर प्रदेश में चिंता का विषय बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *