भारत और भूटान के बीच डिजिटल वित्तीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक नई पहल शुरू की जा रही है। जल्द ही दोनों देशों के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से सीमा पार धन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था से लोगों को एक-दूसरे के देशों में आसानी और कम लागत में पैसे ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा।
यह सुविधा डाक नेटवर्क के जरिए संचालित की जाएगी। इसके तहत यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के पोस्ट ट्रांसफर सिस्टम को भारत के यूपीआई प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को डिजिटल तरीके से धन भेजने और प्राप्त करने की सरल व्यवस्था मिल सकेगी।
इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए इंडिया पोस्ट और भूटान पोस्ट के बीच डाक सेवाओं को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया गया है। इस समझौते के जरिए डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण, तकनीकी सहयोग, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
समझौते के तहत डाक सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने की योजना है। इसमें तकनीकी विकास, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, डाक टिकट संग्रह (फिलेटली) और क्षमता निर्माण जैसे पहलू शामिल हैं। दोनों देश इस सहयोग के जरिए अपनी डाक सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने पर काम करेंगे।
इसके साथ ही प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। भूटान के डाक अधिकारियों को भारत में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें रफी अहमद किदवई राष्ट्रीय डाक अकादमी सहित विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक डाक संचालन, प्रबंधन और नई तकनीकों से जुड़ी जानकारी प्रदान की जाएगी।
दोनों देशों ने डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत डिजिटल पोस्टल सिस्टम और डिजिटल एड्रेस कोड जैसी तकनीकों को साझा किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स सेवाएं अधिक तेज और व्यवस्थित बन सकें।
इसके अलावा सांस्कृतिक सहयोग को भी इस साझेदारी का हिस्सा बनाया गया है। भूटान पोस्ट को भारत में आयोजित होने वाली डाक टिकट प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिससे फिलेटली के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ेगा।
भारत ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह अपने व्यापक डाक नेटवर्क के जरिए वित्तीय सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के अनुभव को भूटान के साथ साझा करेगा, ताकि वहां भी लोगों को सरल और सुलभ बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।