नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में भाग लेकर स्नातक हो रही छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान और तकनीक के माध्यम से समाज व देश के विकास में योगदान देना है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे जिज्ञासा, नवाचार और जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने करियर की दिशा तय करें।
समारोह में बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक और शिक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों की मेहनत और समर्पण के बाद यह दिन छात्राओं के जीवन में एक अहम पड़ाव बनकर आया है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्राप्त करने वाली छात्राएं भविष्य में देश के विकास और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे कई राष्ट्रीय अभियानों ने युवाओं के लिए नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के नए रास्ते खोले हैं। उनके अनुसार तकनीकी शिक्षा संस्थान इन पहलों के साथ मिलकर देश में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि आज महिलाएं केवल विकास की सहभागी नहीं रहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। शिक्षा और कौशल के माध्यम से सशक्त महिलाएं समाज और राष्ट्र दोनों को नई दिशा दे सकती हैं।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रंजना झा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल 1,181 छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां शामिल रहीं। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को विशेष पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
दीक्षांत समारोह में वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं अपने ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता के दम पर देश और समाज के विकास में अहम योगदान देंगी।