रिसाली : रिसाली के VIP नगर में आयोजित त्रिवेणी ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन प्रसिद्ध कथावाचक पं. भूपत नारायण शुक्ला ने सुदामा चरित्र की मार्मिक कथा का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पं. शुक्ला ने सुदामा–कृष्ण मित्रता का उदाहरण देते हुए बताया कि सच्ची मित्रता, भक्ति और विनम्रता ही जीवन का सर्वोच्च धन है।


कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों के भाव के ही वशीभूत होते हैं। कथा स्थल पर संत समागम भी रहा, जिसमें उत्तरप्रदेश, ऋषिकेश, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से पहुंचे संत-महात्माओं ने सहभागिता की और कथा स्थल पर मौजूद भक्तों को सामूहिक रूप से, ओम की ध्वनि संचालित कर अपना आशीर्वाद दिया इस अवसर पर विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे संतों ने धर्मांतरण,




गौ हत्या, व सनातन धर्म की रक्षा को लेकर अपने विचार रखे त्रिवेणी ज्ञान यज्ञ सप्ताह में विशेष रूप से पहुंचे शिक्षाविद् आई.पी. मिश्रा ने सभी संतों का शाल ओढ़कर अभिवादन किया कथा स्थल पर आई जी राम गोपाल गर्ग भी पहुंचे जिन्होंने संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे जिससे सातवें दिन भक्ति व श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला।